धार्मिक शिक्षण एवं शिविर

संघ एवं समाज के प्रत्येक वर्ग में धार्मिक एवं नैतिक संस्कारों की अभिवृद्धि हो, संघ के प्रत्येक वर्ग में आध्यात्मिक जागृति हो, इस हेतु सुनियोजित रूप से धार्मिक शिक्षण की व्यवस्था शिविरों के माध्यम से करना युवक परिषद् का राष्ट्रीय कार्यक्रम है। संघ का प्रत्येक सदस्य धार्मिक ज्ञान के क्षेत्र में रीता न रहें, इस हेतु शिविर की विशेष उपयोगिता है । ग्रीष्मकालीन अवकाश का सदुपयोग कर बच्चों के लिए देश के विभिन्न ग्राम-नगरों में धार्मिक एवं नैतिक शिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है। शिविरों में अध्यन करने वाले शिविरार्थियों को अखिल भारतीय श्री जैन रत्न आध्यात्मिक संस्कार केन्द्र द्वारा संचालित प्रतिदिन/रविवारीय संस्कार केन्द्रों में जोड़ने की प्रेरणा दी जाती है। शिविरों में सीखे गए ज्ञान में उत्तरोत्तर प्रगति हो तथा उसका मूल्यांकन हो सके एतदर्थ अ.भा. श्री जैन रत्न आध्यात्मिक शिक्षण बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं में बैठने हेतु सभी शिविरार्थियों को प्रेरित किया जाता है। किशोरवय के युवा भाई-बहिनों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित कर जैन धर्म के प्रति उनकी रुची बढ़ाने का प्रयास किया जाता है।

नमन जी मेहता

उपाध्यक्ष

निखिल जी बाघमार

सचिव

गौतम जी चौरड़िया

संयोजक

शीतल जैन

सह-संयोजक