सामायिक स्वाध्याय एवं निर्व्यसनता

आचार्य भगवंत पूज्य गुरूदेव 1008 श्री हस्तीमलजी म.सा. का संदेश सामायिक स्वाध्याय विशेषएवं आचार्य भगवंत पूज्य गुरूदेव 1008 श्री हीराचंद्र जी म.सा. का संदेश व्यसन मुक्त हो हर इंसानको जन जन तक पहुँचाने हेतु युवक परिषद् का यह राष्ट्रीय कार्यक्रम हैं । गुरू आपकी वाणी को घर घर में पहूँचायेंगेको मात्र नारे में ही न रख कर युवक परिषद् इसे आत्मसात करने का प्रयास कर रहा हैं ।

इस कार्यक्रम के तहत आधुनिक संचार माध्यमों के माध्यम से वृहद् स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर जैन से लेकर जैनेतर समाज तक, स्थानक से लेकर चर्च तक, आम विद्यालय से लेकर सैनिक विद्यालय तक सभी जगह व्यसन के दुष्प्रभाव को समझाते हुए सही मार्ग अपनाने का निवेदन किया जाता हैं । साथ ही जैन समाज में होने वाले कार्यक्रम में निर्व्यसनता पूर्वक सामायिक साधना करने का निवेदन किया जाता हैं एवं उनसे इस सम्बंध में संकल्प पत्र भरवाया जाता है ।

राजेन्द्र जी दुधेड़िया

उपाध्यक्ष

निपुण डागा

सचिव

विक्रम जी मोहणोत

संयोजक

सह-संयोजक