रत्नसंघ

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!! श्री महावीराय नमः !!
!! श्री कुशलरत्नगजेन्द्रगणिभ्यो नमः !!

!! जयगुरु हीरा !!

!! जयगुरु महेंद्र !!

!! जयगुरु मान !!

श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, जोधपुर

आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन करता है।

(October 12th, 2026)

गुरु हस्ती के दो फरमान।
सामायिक स्वाध्याय महान।।

गुरु हीरा का है सन्देश।
व्यशन मुक्त हो सारा देश।।

भोजन ग्रहण करने के पूर्व
"नवकार महामंत्र" का स्मरण करें।।

उतना ही ले थाली में।
व्यर्थ न जाए नाली में।।

(October 12th, 2026)
सूर्योदय : नवकारसी :
पोरसी : डेढ़ पोरसी :
दो पोरसी : सूर्यास्त :

भोजन ग्रहण करने के पूर्व
"नवकार महामंत्र" का स्मरण करें।।

उतना ही ले थाली में।
व्यर्थ न जाए नाली में।।

गुरु हस्ती के दो फरमान।
सामायिक स्वाध्याय महान।।

गुरु हीरा का है सन्देश।
व्यशन मुक्त हो सारा देश।।