सुपात्रदान विवेक-01 (Supatradaan Vivek-01)

जैन धर्म अहिंसा प्रधान धर्म है किसी भी जीव की किसी भी प्रकार से हिंसा न हो उसका साधक विशेष रुप से ध्यान रखता है। आहारादि लेते समय छह काय की विराधना का यदि कोई प्रसंग गृहस्थ के द्वारा किया जा रहा है तो साधु वहाँ से आहारादि नहीं लेते। गोचरी, पानी के लिए घर […]
6. भगवान पद्मप्रभु जी

पूर्वभव नाम: धर्ममित्र
5. भगवान सुमतिनाथ जी

पूर्वभव नाम: सुमित्र
4. भगवान अभिनन्दन जी

पूर्वभव नाम: धर्मसिंह
3. भगवान संभवनाथ जी

पूर्वभव नाम: विमलवाहन
2. भगवान अजितनाथ जी

पूर्वभव नाम: विमल
1. भगवान ऋषभदेव जी

पूर्वभव नाम: वज्रनाभ
Butter (मक्खन)

बिना छाछ 24 मिनट तक साधु—साध्वी ले सकते हैं। छाछ सहित अचित्त है
Raw Milk (कच्चा दूध)

अचित (ताजा एक मुहुर्त तक) त्रस जीवों के उत्पत्ति की अपेक्षा (Achit (Fresh Before 1 Mahurat), )
Ice Cream (आइसक्रीम)

बूंदे दिखे तो सचित्त (If drops are visible)